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रविवार, 16 मई 2010

हिंदी-विरोधी नागालैंड में हिंदी का प्रचारक

आज का दैनिक जागरण समाचारपत्र पढ़ा। उसमे एक ऐसी खबर छपी जिसे पढ़कर मन प्रसन्न हो गया। इस खबर को पढ़कर हर हिंदी-भाषी को प्रसन्नता होगी। मैं एक ऐसे हिंदी-प्रचारक की बात कर रहा हूँ जिसने हिंदी विरोधी राज्य नागालैंड में हिंदी की अलख जगाने का महान कार्य किया है। ज्यादा मैं क्या कहूं, खबर की क्लिप नीचे दी है, आप खुद ही पढ़ लीजिये। इस खबर को पढने के बाद न सिर्फ हिंदी-भाषी लोगों की हीन-भावना दूर होगी बल्कि अन्य लोगों को भी हिंदी सीखने-सिखाने की प्रेरणा मिलेगी। हिंदी के प्रचार प्रसार में जुटे ऐसे लोगों का हमें शुक्रगुज़ार होना चाहिए।

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