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आयो कहॉं से घनश्‍याम

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रविवार, 7 नवंबर 2010

मजेदार इबारतें

ट्रकों, बसों, और ऑटो के पीछे लिखी शेरो-शायरी, इबारतें वगैरह पढने का अलग ही मज़ा है। कई बार ऐसी नयी चीज़ पढने को मिल जाती है की आप वाह किये बिना नहीं रह सकते। आज ही कुछ काम से चारबाग जा रहा था। कि अपने आगे चाल रहे एक ऑटो के पीछे लिखी यह लाइन मुझे हंसा गयी -

'Capacity - 3 Idiots'

क्यूँ है न मज़ेदार इबारत।

- घनश्याम मौर्य

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