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शनिवार, 13 नवंबर 2010

*खोटी पैदाइश*

अभी कुछ दिनों पहले ही आस्ट्रेलिया के कहानीकार मार्कस क्लार्क की कहानी 'Bad Seed' पढ़ी. कहानी का अंत वाकई विस्मित कर देने वाला है. कहानी हमें कुछ सोचने पर मजबूर कर देती है.  कहानी का सार यह है कि एक निर्दोष व्यक्ति को क़त्ल के जुर्म में फाँसी की सजा हो जाती है. असली कातिल का कबूलनामा उसके मरने के कई साल बाद उसके एक वंशज को मिलता है जो सजा पा चुके व्यक्ति को निर्दोष साबित करने को तत्पर हो जाता है. अपने इस प्रयास में लगातार नाकामी हाथ लगते देख वह इस कदर बौखला उठता है कि स्वयं एक क़त्ल कर बैठता है.  कहानी हमें यह बताती है कि किसी निर्दोष व्यक्ति को सजा देने के क्या गंभीर परिणाम हो सकते हैं. यह कहानी मुझे इस कदर झकझोर गयी कि मेरा जी चाह कि इसे आप सबके साथ शेयर करूं.  अतः इस कहानी का हिंदी में अनुवाद कर रहा हूँ. जिसका शीर्षक मैंने रखा है *खोटी पैदाइश*. जल्दी ही इसे अपने ब्लॉग पर पोस्ट करूंगा. उम्मीद है कि यह कहानी लोगों को पसंद आएगी.
-घनश्याम मौर्य

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