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रविवार, 19 जून 2011

गर्मी की छुट्टियां - कविता



गर्मी की छुट्टियां चल रहीं।
तन-मन में मस्‍ती मचल रही।
धमा-चौकड़ी करते दिन भर।
डॉट बड़ों की रहे बेअसर।
लूडो, कैरम, आई-स्‍पाई।
हॅसना, रोना, हाथापाई।
बैट-बॉल का नम्‍बर आया।
चौका-छक्‍का खूब जमाया।
पॉंच मिनट का ब्रेक लिया है।
तब ऑरेन्‍जी जूस पिया है।
खेल शुरू होगा दोबारा।
चाहे जितना तेज हो पारा।


7 टिप्‍पणियां:

Kunwar Kusumesh ने कहा…

अच्छी बाल कविता .

kshama ने कहा…

Bahut hee sundar!

Babli ने कहा…

आपकी टिप्पणी के लिए बहुत बहुत शुक्रिया! मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://urmi-z-unique.blogspot.com/
http://amazing-shot.blogspot.com
बहुत सुन्दर और प्यारी कविता लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! बधाई!

चैतन्य शर्मा ने कहा…

मजेदार है कविता....बहुत प्यारी फोटो

Manpreet Kaur ने कहा…

अच्छा पोस्ट है आपका !आपना कीमती टाइम निकल कर मेरे ब्लॉग पर आए !
डाउनलोड म्यूजिक
डाउनलोड मूवी

Patali-The-Village ने कहा…

अच्छी बाल कविता|

अनूप शुक्ल ने कहा…

वाह! बरसात में गर्मीं की कविता पढ़ना भी मजेदार अनुभव है।